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सीधी गलियाँ, बड़े सपने: न्यूयॉर्क!

9 mins. read

Published in the Saturday Navbharat Times on 22 June, 2024

हमारे पतों में अक्सर,`फलाँ-फलाँ के ऊपर, फलाँ-़फलाँ स्कूल के पास या इस बैंक के बगल में‌’आदि जैसे दिशा-निर्देश शामिल होते हैं। पर यहाँ के पते में बस एक ही नंबर और एक ही सड़क का नाम है।

लोअर मैनहॅट्टन की चहल-पहल भरी सड़कों से जब मैं गुज़र रही थी, तो न्यूयॉर्क शहर के वीकडेज़ की भीड़-भाड़ के साथ चलते हुए मैं यही सोच रही थी कि मेरे पास अपने दोस्त का दिया हुआ जो पता है, वो कितना सादगीभरा है।  इस पते में बस यही लिखा है कि ‌‘388 ग्रीनविच स्ट्रीट‌’। यह उन लंबे-चौड़े पतों से बिलकुल अलग है, जिन्हें हम अक्सर अपने घर के लिए इस्तेमाल करते हैं।  हमारे इन पतों में अक्सर, `फलाँ-़फलाँ के ऊपर, फलाँ-़फलाँ स्कूल के पास या इस बैंक के बगल में‌’ आदि जैसे दिशा-निर्देश शामिल होते हैं या फिर इनमें कई तरह के लैंडमार्क और चौराहों की जानकारी होती है। हालाँकि, यह भी न्यूयॉर्क शहर का पता है, पर इसमें बस एक ही नंबर और एक ही सड़क का नाम है। न्यूयॉर्क हमेशा से ही एक ज़बरदस्त शहर रहा है, जहां हर साल 60 मिलियन से ज़्यादा पर्यटक आते हैं। न्यूयॉर्क में कई मशहूर जगहें हैं, जैसे खूबसूरत एम्पायर स्टेट बिल्डिंग, रॉकफेलर सेंटर, सुकूनभरा सेंट्रल पार्क, चकाचौंध करने वाली रोशनी से भरपूर टाइम्स स्क्वेयर, वॉल स्ट्रीट और ऐसी ही कई अन्य जगहें। अगर आप कोई टूरिस्ट हैं तो न्यूयॉर्क शहर के व्यस्ततम नगर मैनहॅट्टन में आपको सबसे अधिक आकर्षण, दुकानें और रेस्तरां मिलेंगे, पर यहाँ आप यकीनन सबसे पहले अपना रास्ता खोजने के बारे में सोचेंगे। स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही अक्सर न्यूयॉर्क में स्थान, अपने मिलने की जगह या अपने होटल का पता बताने के लिए नंबरों का उपयोग करते हैं। आपने अक्सर ऐसी बातें सुनी होंगी कि, `मुझसे सेवंथ और थर्टीथर्ड ईस्ट में मिलें या ब्रॉडवे के जंक्शन पर मिलें‌’ या फिर `सेवंथ एवेन्यू और फोर्टीसेकंड स्ट्रीट के जंक्शन पर मिलें जो कि टाइम्स स्क्वेयर है।‌’ ज़्यादातर किसी भी पते, किसी भी जगह को तय करने के लिए केवल नंबरों का ही इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा इस्तेमाल इतने बड़े पैमाने पर होता है कि न्यूयॉर्क के ़फेमस लक्ज़री डिपार्टमेंटल स्टोर के नाम में ही स्ट्रीट नंबर मौजूद है। `सॅक्स फिफ़्थ एवेन्यू‌’ न्यूयॉर्क की सबसे आइकॉनिक शॉप्स में से एक है, लेकिन हाँ, अगर आप ज़्यादा क़िफायती और ट्रैंडिंग शॉपिंग करना चाहते हैं तो आपको थर्ट़ीफोर्थ स्ट्रीट पर मौजूद शॉप्स में जाना होगा। इस बार जब मैं न्यूयॉर्क गई तो मैंने तय किया कि मैं वहाँ के इस नंबरिंग सिस्टम को समझकर ही रहूँगी। न्यूयॉर्क शहर, विशेष रूप से मैनहॅट्टन  के एड्रेसिंग सिस्टम में इसकी सादगी मुझे हमेशा से ही आकर्षित करती रही है। न्यूयॉर्क की सड़कों के नंबरिंग सिस्टम में हमेशा एक क्लियर और लॉजिकल ग्रिड पैटर्न को ़फॉलो किया जाता है, जिसे 1811 के कमिश्नर्स प्लॅन के साथ बनाया गया था। इस प्लॅन का उद्देश्य शहर के लिए एक व्यवस्थित लेआउट बनाना था, जिसने पहले के अनियमित और भ्रमित करने वाले स्ट्रीटस्केप की जगह ले ली है। ग्रिड सिस्टम द्वारा इस शहर को गलियों और एवेन्यूज़ में बाँटा गया है। मैनहॅट्टन में सड़कें पूर्व से पश्चिम की ओर हॉरिझॉन्टल रूप से चलती हैं, जबकि एवेन्यू में यही सड़कें उत्तर से दक्षिण की ओर वर्टिकली चलती हैं। आमतौर पर सड़कों को नंबर दिए गए हैं, जो इस आइलैंड के दक्षिणी सिरे पर पहली स्ट्रीट से शुरू होते हैं और फिर हम जैसे-जैसे उत्तर की ओर बढ़ते जाते हैं, यह नंबर भी बढ़ते जाते हैं। इसी तरह से यहाँ के एवेन्यूज़ को भी नंबर दिए गए हैं, लेकिन इनके बीच ब्रॉडवे और ऐसे ही कुछ नामित एवेन्यूज़ आ जाते हैं। इसके बाद यहाँ की सड़कों को ईस्ट और वेस्ट डेज़िग्नेशंस में बाँटा गया है। फिफ्थ एवेन्यू ईस्ट और वेस्ट स्ट्रीट्स के बीच डिवाइडिंग लाइन के रूप में काम करती है। उदाहरण के लिए, फिफ्थ एवेन्यू में ईस्ट की ओर एक सड़क ईस्ट थर्ट़ीफोर्थ स्ट्रीट और वेस्ट की ओर वेस्ट थर्ट़ीफोर्थ स्ट्रीट हो सकती है। इस ग्रिड सिस्टम से मैनहॅट्टन में नॅविगेट करना आश्चर्यजनक रूप से आसान हो जाता है। हालांकि इसके कुछ अपवाद भी हैं। वैसे तो ज़्यादातर एवेन्यूज़ नंबर से पहचाने जाते हैं, पर इनमें से कुछ एवेन्यूज़ को कुछ ऐतिहासिक नाम भी दिए गए हैं, जैसे कि पार्क एवेन्यू और लेक्सिंगटन एवेन्यू, विशेष रूप से मिडटाउन और अपर ईस्ट साइड में। ग्रिड सिस्टम का एक बड़ा अपवाद ब्रॉडवे है, जो मैनहॅट्टन को तिरछा काटता है। यहीं पर टाइम्स स्क्वेयर और हेराल्ड स्क्वेयर जैसे प्रतिष्ठित चौराहे बने हैं, जो इस शहर के लेआउट को एक अनूठा अंदाज़ देते हैं। टाइम्स स्क्वेयर और ब्रॉडवे मैनहॅट्टन का दिल हैं और यह जानना भी वाकई दिलचस्प है कि ब्रॉडवे को इसका यह नाम कैसे मिला। लेकिन ब्रॉडवे के नामकरण का राज़ जानने से पहले मेरे मन में खयाल आया कि न्यूयॉर्क को इसका नाम कैसे मिला। और सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि जिस राज्य में न्यूयॉर्क शहर स्थित है, उसे भी न्यूयॉर्क कहा जाता है। न्यूयॉर्क शहर को उसका नाम कैसे मिला, इसकी कहानी कलोनियल महत्वाकांक्षा और ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन के घालमेल में समाहित है। इसकी शुरुआत 17वीं शताब्दी के प्रारंभ में हुई, जब नीदरलैंड के डचों ने व्यापार मार्गों का विस्तार करने और उपनिवेश स्थापित करने की अपनी खोज में मैनहॅट्टन  द्वीप के दक्षिणी सिरे पर न्यू एम्स्टर्डम नामक एक बस्ती बसाई। न्यू एम्स्टर्डम में बेहिसाब गतिविधियाँ चलती रहती थीं और यह संस्कृतियों, भाषाओं और वाणिज्य का एक अनोखा मिश्रण था। डच वेस्ट इंडिया कंपनी ने यहाँ के समृद्ध फर व्यापार और यहाँ की रणनीतिक लोकेशन का ़फायदा उठाते हुए यहाँ खूब तरक्की की। हालाँकि सन्‌‍ 1664 में अंग्रेजों ने इस शहर पर बिना किसी प्रतिरोध के कब्जा कर लिया। उन्होंने ड्यूक ऑ़फ यॉर्क के सम्मान में न्यू एम्स्टर्डम और इसके आसपास की जगह का नाम बदलकर न्यूयॉर्क रख दिया। यही ड्यूक ऑ़फ यॉर्क आगे चलकर इंग्लैंड के किंग जेम्स द्वितीय बने। यह नाम सत्ता के इस शांतिपूर्ण हस्तांतरण और शहर के औपनिवेशिक अतीत को दर्शाता है।  इस शहर और इसके आस-पास के इलाकों (जो बाद में न्यूयॉर्क राज्य बन गया) का नाम बदलकर अंग्रेजों ने अपना प्रभुत्व स्थापित करने और इस इलाके को अंग्रेजी कलोनियल साम्राज्य का हिस्सा बनाने के अपने लक्ष्य को पूरा किया। यह बदलाव यहाँ की सत्ता तथा यहाँ का नियंत्रण डच हाथों से अंग्रेज हाथों में जाने का प्रतीक है, जिससे यहाँ का नया शासन और सांस्कृतिक प्रभाव मजबूत हुआ।   अगर आप न्यूयॉर्क में कोई संगीत कार्यक्रम, थिएटर या किसी भी तरह का मनोरंजन देखना चाहते हैं, तो आपको निश्चित रूप से ब्रॉडवे की ओर जाना होगा, जो न्यूयॉर्क शहर की एक मशहूर सड़क है।  इस सड़क का नाम भी डच भाषा से ही लिया गया है, जो `ब्रेड वेग‌’ शब्द से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ है `चौड़ा रास्ता‌’। यह नाम डच कलोनियल काल से जुड़ा हुआ है, जब न्यू एम्स्टर्डम (अब न्यूयॉर्क शहर) की स्थापना की गई थी। मैनहॅट्टन के विकास के साथ ब्रॉडवे एक प्रमुख मार्ग के रूप में विकसित हुआ, जो 19वीं शताब्दी तक एक प्रमुख नॉर्थ-ईस्ट आर्टरी बन गया। न्यूयॉर्क का ग्रिड सिस्टम अपनी दक्षता और इस शहर की पहचान को आकार देने के अनूठे तरीके के लिए जाना जाता है। इसलिए जब मैं आखिरकार 388 ग्रीनविच स्ट्रीट पर पहुँची, तो मुझे आश्चर्य हुआ कि एक साधारण सा लगने वाला पता अर्बन प्लॅनिंग, ऐतिहासिक विकास और सांस्कृतिक पहचान की कहानी कहता है।  अगली बार जब आप मैनहॅट्टन की सड़कों पर टहलें, तो यह बात ध्यान में रखें कि यहाँ के हर पते के पीछे इसके इतिहास का एक टुकड़ा छुपा हुआ है और यह इसके सतर्कतापूर्वक नियोजित भविष्य की एक झलक दिखाता है। सिंल्पिसिटी या सादगी को अपनाएँ, लॉजिक या तर्क की सराहना करें और उस ग्रिड का हाथ थामे चलते रहें, जो आपको न्यूयॉर्क शहर की धड़कन सुनाता है।

सुनिला पाटील, वीणा पाटील और नील पाटील इनके हर हफ्ते प्रकाशित होनेवाले लेख वीणा वर्ल्ड की वेबसाईट www.veenaworld.com पर पढ़ने के लिए उपलब्ध हैं।

June 21, 2024

Author

Sunila Patil
Sunila Patil

Sunila Patil, the founder and Chief Product Officer at Veena World, holds a master's degree in physiotherapy. She proudly served as India's first and only Aussie Specialist Ambassador, bringing her extensive expertise to the realm of travel. With a remarkable journey, she has explored all seven continents, including Antarctica, spanning over 80 countries. Here's sharing the best moments from her extensive travels. Through her insightful writing, she gives readers a fascinating look into her experiences.

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